डोंगरगांव, नगर की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था नीरज विद्या मंदिर (सीबीएसई, अंग्रेजी माध्यम), मोहड़ में शाला प्रवेशोत्सव मनाया गया। संस्था की एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्रीमती पुष्पा बाजपेयी एवं प्राचार्य श्री जिवेश द्विवेदी ने बच्चों का पूरे उत्साह के साथ स्वागत किया। उन्हें तिलक लगाया गया। साथ ही चाॅकलेट्स भी वितरित किए गए। उल्लेखनीय है कि प्रवेशोत्सव के लिए शाला परिवार ने सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली थीं। प्रत्येक कक्षाओं को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। साथ ही इन कक्षाओं में अलग-अलग विषयों के चार्ट्स भी लगाए गए हैं। शिक्षण सहायक सामग्रियों की भी व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर शिक्षकवृंद द्वारा नियमित प्रार्थनासभा एवं सुमधुर गीतों की प्रस्तुति देते हुए कार्यक्रम को नई ऊँचाइयों तक ले जाया गया। संगीत शिक्षक श्री डोमेश्वर सिन्हा एवं शुभम शेण्डे के नेतृत्व में प्रेरक गीतों की शानदार प्रस्तुति हुई। एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्रीमती बाजपेयी ने कहा कि हर अवसर महत्वपूर्ण होता है और इसका अधिक से अधिक लाभ छात्र-छात्राओं को उठाना चाहिए। प्राचार्य श्री जिवेश द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि नए संकल्प के साथ विद्यार्थियों को अध्ययन में जुट जाना चाहिए। कक्षा 6वीं से 8वीं के विद्यार्थियों के लिए इसी वर्ष सीबीएसई कौशल विषय के अंतर्गत कोडिंग विषय प्रारंभ होगा। जिसमें विद्यार्थियों द्वारा कोडिंग माॅड्यूल परीक्षा उपरांत उन्हे सीबीएसई से सर्टिफिकेट मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को भविष्य में रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। संस्था के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स एवं अंचल के युवा शिक्षाविद् इंजी. नीरज बाजपेयी सर ने क्षेत्र के अभिभावकों से अपील की है कि वे इस एकमात्र सीबीएसई स्कूल का अधिकाधिक लाभ अपने बच्चों के लिए उठाएँ। उन्होंने स्कूल के शैक्षणिक वातावरण एवं शिक्षा सत्र 2024-25 की बोर्ड परीक्षा परिणामों को संस्था की उपलब्धि बताया। संस्था के प्रशासक श्री जी राम सिन्हा ने बताया कि संस्था में प्रवेश प्रारंभ है। प्री-प्रायमरी की कक्षाएँ सिटी ब्रांच (बाहुबली हार्डवेयर के बाजू ) में और कक्षा पहली से बारहवीं तक का अध्ययन-अध्यापन मोहड़ स्थित बिल्डिंग में होता है। कक्षा ग्यारहवीं में बायोलाॅजी, गणित एवं वाणिज्य विषय की सुविधा है। ऑप्शनल सब्जेक्टस में फिजिकल एजुकेशन (पी.ई), इन्फाॅर्मेशन टेक्नालाॅजी एवं हिन्दी विषय लेकर विद्यार्थी अध्ययन कर सकते हैं। प्रवेशोत्सव के दौरान शाला प्रबंधन के पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे। यह जानकारी एक विज्ञप्ति में व्याख्याता डाॅ. लोकेश शर्मा ने दी।